मंगलवार, 23 मार्च 2010
भौतिक दूरी है जरूरी
कभी कभी दिलो को जोड़ने के लिए दूरी भी जरुरी होती है। यह विचार कुछ लोगो को जरूर अटपटा लगेगा। पर जो प्यार करते है और वे जरुर जानते होंगे । क्योंकि उनेहे उस प्यार का महत्व तब तक पता नहीं होता है जब तक वोह उस प्यार से दूर हो जाये । ऐसा हो जाने पर ही वह उसका क़द्र जान पाते है। सोनी को महिवाल के प्रेम का तब तक पता नहीं चलता या फिर उसे अपने प्यार को पाने की तड़प नहीं जगती जब तक दुनिया वाले उन्हें एक दूसरे से अलग नहीं करते। यही नियम दोस्तों पर भी लगती है दोस्त को दोस्त के महत्व का तब तक पता नहीं चलता जब तक वह दूर न चला जाये। ठीक इसके विपरीत अगर कोई लबे समय तक साथ हो और उनके मध्य इतनी घनिष्ठता उत्पन हो जाये की वह एक दूसरे के पूरक हो जाये तो दरार आने में देर भी नहीं होती। क्योंकि जिसे एक मित्र , मित्रता का सहज प्रकटीकरण मानता है वोही दूसरा इसे अपनी निजता का हनन मान सकता है या फिर उसे किसी और रूप में व्याख्या कर सकता है । जो साधारणत होता है। अगर शीर्षक का और व्यापक विशलेषण करे तो पाएंगे की पूरी दुनिया में तनाव का बढ़ना उद्योगिक क्रांति के बाद ज्यादा भयंकर तरीके से हुआ है। संस्कृतियो के मध्य मतभेद इन्टरनेट क्रांति के बाद ज्यादा साथ पर दिखा। उद्धरण के लिए आज से ५० साल पहले इस्लाम का
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