मंगलवार, 10 नवंबर 2009
माँ होती ?
कभी कभी आदमी अपनी भावनाओ पर काबू नहीं कर पाता है । आज कुछ ऐसा ही मेरे साथ हुआ। चाह कर भी वोह कगार टूट गया जिसे मै सात सालो से बाँध कर रखा था .आज मै भीड में भी अपने को तनहा महसूश कर रहा हूँ । जिंदगी में वक्त ऐसे मोड़ लाते है जब वैक्ति को यह नहीं सूझता की वोह क्या कर रहा है । अब मै बात करता हूँ भावनाओ की जिसे काबू में करना सायेद दुनिया का सबसे काठी कार्य है । पर आज इसे लिपिबद्ध करने की जरूरत क्या है ? यह प्रश्न जरूर आयेगा, तो बताता चलू की ओय्यक्ति किसी के बारे में तभी चर्चा करता है जब वोह उस अनुभव से गुजर चुका हो या फिर उससे गुजर रहा हो । और भावनाए माँ के प्रति हो तो दुनिया की कोई संतान नहीं है जो कह दे की वोह माँ के प्रति भावना शून्य है। हर संतान माँ के आँचल की छाओं में रहना चाहता है। वोह चाहता है कि उसकी माँ कभी उससे दूर न जाए पर भला कोई नियति से पार प् सका है ? हर बच्चे के जीवन में वोह दिन आता है जब उसकी माँ उसे छोड़ कर उस दुनिया में चली जाती है, पर वोह उतना नहीं अखरता जब माँ बच्चे को भी माँ या फिर बाप के रूप में छोड़ जाती है। तभ खोने का गम तो होता है पर नियति कि बात मानने कि मजबूरी होती है पर तब किसे दोष दिया जाए जब माँ ऐसे समय बच्चो को छोड़ कर जाती है जब बच्चे दुनिया कि दुश्वारियों का एक अक्षर तक नहीं जनता है। विधाता को गली दे या फिर अपनी किस्मत का जिसमे माँ के अंचल कि चाहो का योग ही नहीं था। यह प्रश्न मुझे हमेसा बोझिल करता रहता है कि मै ने ऐसा क्या किया कि मुझसे विधाता ने यह नांसाफ्ही की। जिंदगी के तजुर्बे में मेरी उम्र अभी मात्र २४ है पर माँ कि कमी ने मुझे वक्त से पहले ताजुर्बाकार बना दिया । दोहरी जिन्दगी मेरी नियति बन गई है । हँसी के मुखौटे से मै सायद दिल के गम गम को छिपा लू पर अन्दर कि तृष्णा को कैसे रोकू आज samhaj नहीं आ रहा है । सिर्फ़ mukesh का वोह gana याद आ रहा है कि "दिल ही दिल में rou mehfil में muskurao " यह bavnye मै कभी kholna नहीं चाहता था पर यह niji होकर भी visvyapi manv vriti है क्योंकि कोई भी हो , khi का भी हो , माँ के प्रति उसका bhaw एक ही होता है प्रेम का bhaw और अगर asamye ही यह माँ roopi मूर्ति कही खो जाती है या फिर चली जाती है तो bachcha हमेसा rudan ही करता है उसकी कमी उसे हमेसा akharti ही है .वोह चाहे कितना भी mehfil में hansh ले अपने को खुश दिखा ले akele में माँ के लिए rota ही है। और एक बात सोचता है कि काश माँ होती ?
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